
कोई गोलु तो कोई लडू तो कोई मोटू कहता है
न जाने यह शरीर कितना मान सहता है
अगर हम न होते तो पतलो की पहचान नही होती
अगर हम न होते तो restaurant में unlimited थाल नही होती
अगर हम न होते तो laughing Buddha कहाँ से आता
अगर हम न होते तो 36-48 की कमर कौन सिलवाता
कोई ढोलक तो कोई टमाटर तो कोई गोलुगोटू कहता है
न जाने यह शरीर कितना मान सहता है
अगर हम न होते तो बातों में भार नही होता
अगर हम न होते तो तकिये की जगह कोई गद्देदार नही होता
अगर हम न होते तो कितनी slim classes नही होती
अगर हम न होते तो jogging की कभी शुरुआत नही होती
कोई पेटू तो कोई आलू तो कोई chubby कहता है
न जाने यह शरीर कितना मान सहता है
अगर भगवान् के कारखाने में ऐसी assembly लाइन नही होती
तो यह धरती इतना सारा वजन नही धोती
अगर हम न होते तो 24 घंटे कौन मुस्कुराता
अगर हम न होते तो तुम्हे कौन हसाता कौन रुलाता……