लोग कहता है की इतना खुश क्यो रहता है
जो दिखता है वोह सच नही होता है…
न जाने इस दिल का चेहरे से कैसा कनेक्शन होता है
दर्द में मुश्कान तो खुशी में आंसू टपकता है…
नंगे पाँव को ज़रा भी दर्द नही होता है
महंगे जूते वाले को काँटा भी असहनिये होता है॥
तपती धूप में गरीब चेन की नींद सोता है
और घर के एसी में कोई बेचेन होता रहता है…
तो कोई दोस्तों से खुशी छुपाये फिरता है…
कोई प्यार को जीवन समझता है और पूरा लुट जाता है
कोई लूट कर भी प्यार और जीवन नही समझ पता है…
कोई उम्मीद में उमर निकाल देता है
तो कोई नाउमीद करके भी नही थकता…
जो दर्द नही समझा उससे मुश्कान समझाना भी कठीन है
इसलिए खुश क्यो हूँ यह बताना भी कठीन है…….
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