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August 4, 2009

Hum Na Badlenge


बदलेगी दुनिया, दुनिया बदल देंगे
बदलेंगे
इंसान पर हम नही बदलेंगे

बदलेगी
सरकार, चेहरे बदल देंगे
बदलेंगे
तरीके पर नेता नही बदलेंगे

बदलेगी
टेक्नोलॉजी, जीविका बदल देंगे
बदलेंगे
रिश्ते पर नफरत नही बदलेंगे

बदलेगी salary, कंपनी बदल देंगे
बदलेंगे
बॉस पर शोषण नही बदलेंगे

बदलेगी
जनता, समाज बदल देंगे
बदलेंगे
गरीब पर गरीबी नही बदलेंगे

बदलेगी
सचाई, सच को ही बदल देंगे
बदलेगी
इन्शानियत पर हम नही बदलेंगे

July 11, 2009

Office Office Khele


जीवन के इस मोड़ पर रह गए सब अकेले

सारे खेल छूट गए चलो ऑफिस ऑफिस खेले


परमानेंट हो या टेम्प. कोई बॉस को झेले

मस्का भी लगाये, माँ की भी कहे चलो ऑफिस ऑफिस खेले


टारगेट के पीछे हम जैसे ball के पीछे पेले

Recession में टारगेट बढ़ा के बॉस बोले चलो ऑफिस ऑफिस खेले


किस HR की सुनु सभी है थकेले और है वेल्ले

इसकी टोपी उसके सर कर वो ऑफिस ऑफिस खेले


Promotion, appraisal मांगे सब, पर सिस्टम में है झमेले

कंपनी बिना मैनेजमेंट के ही ऑफिस ऑफिस खेले


जीना भी एक मजबूरी है, घसीट घसीटकर जीले

होना निराश प्यारे, चल ऑफिस ऑफिस खेले.

June 29, 2009

Mein Doosra Jeevan Chahta hoon


बंधन है खुले फिर भी सांसो को जकडा पाता हूँ
जीवन जीता हूँ पर उससे भी समझ नहीं पाता हूँ

दर्द के एहसास से मायूष सा हो जाता हूँ
इस दुनिया में खुद को बेबस सा पाता हूँ

कितना सहता हूँ पर कुछ कह नहीं पाता हूँ
इन जख्म के दर्द में नींद को आँखों से ओझल पाता हूँ

इतना कमज़ोर हूँ की खुद का भोझ उठा नहीं पाता हूँ
बस आशाओं को नाउमीद करता चला जाता हूँ

बंधन है खुले फिर भी सांसो को जकडा पाता हूँ
हार गया अब मैं दूसरा जीवन चाहता हूँ.

June 10, 2009

Mere Dost


इस भीड भरी दुनिया कोई अपना सा लगता है
जो अपना सा है वोही खोया सा लगता है

जानू जानू उसका दर्द अपना सा लगता है
हँसी तो दूर अब उसकी मुस्कान भी एक सपना सा लगता है

कैसे समझाऊ उसे की एक दर्द से ज़िन्दगी नही होती
किस्मत तो उनकी भी होती है जिनकी लकीरे नही होती

प्यार कई रंगों में आता है और ज़िन्दगी सजाता है
नादान है वो जो केवल एक रंग समझ पता है

एक ही जीवन है हँसो मुश्कुराओ खुश रहो
अपने लिए नही तो दूसरो के लिए सही

दोस्ती का अर्थ कर कोई को आता है
उससे अपनाओ बस मेरा दिल इतना ही चाहता है

मेरे दोस्त तू हमारी ज़िन्दगी है
तू नही तो कुछ भी नही है

June 9, 2009

Khushi


लोग कहता है की इतना खुश क्यो रहता है

जो दिखता है वोह सच नही होता है


जाने इस दिल का चेहरे से कैसा कनेक्शन होता है

दर्द में मुश्कान तो खुशी में आंसू टपकता है


नंगे पाँव को ज़रा भी दर्द नही होता है

महंगे जूते वाले को काँटा भी असहनिये होता है


तपती धूप में गरीब चेन की नींद सोता है

और घर के एसी में कोई बेचेन होता रहता है


किसी की खुशी दोस्तों में दुगनी हो जाती है

तो कोई दोस्तों से खुशी छुपाये फिरता है


कोई प्यार को जीवन समझता है और पूरा लुट जाता है

कोई लूट कर भी प्यार और जीवन नही समझ पता है


कोई उम्मीद में उमर निकाल देता है

तो कोई नाउमीद करके भी नही थकता


जो दर्द नही समझा उससे मुश्कान समझाना भी कठीन है

इसलिए खुश क्यो हूँ यह बताना भी कठीन है…….

June 6, 2009

Mujhe Kaisi Ladki Chahiye


जिससे देखूं तो नज़रों पे कंट्रोल रहे

जिससे छुऊ तो हार्ट बीट 150 क्रॉस करे


जिसकी बातों में अपने को खोया पाऊँ

जिसकी आँखों के नशे में धूत हो जाऊं


जिसके नाम दिल में ऐसा बस जाए

अपना नाम भूल बस वोही याद आए


जिसकी हँसी से यह संसार बदला सा लगे

जिसके प्यार में खुशियों का समुन्दर बसे


जो बिन कहे मेरी हर बात समझ जाए

जिसका दूर से ही मुझे एहसास हो जाए


जाने वो कैसी होगी, जाने वो कहाँ होगी

पर इतना तो है, जहाँ होगी धड़कने वो भी सुन रही होगी

May 19, 2009

Behna teri vidai


बहना बहना, तू है हम सब का गहना

अब है तेरी विदाई, जिसका गम हमे है सहना


तू धड़कन हमारी, दिलो के करीब ही रहना

भूलना हमे कभी, यह गम नही है सहना


कुछ प्यारी बातें अभी रह गई है कहना,

डोली है तयार देखो सज गई मेरी बहना


बहना बहना, तू है हम सब का गहना

अब है तेरी विदाई, जिसका गम हमे है सहना


दुआ है हमारी तू सदा यूँही खुश रहना

तेरे गम हमारे तुझे कुछ पड़े सहना


तेरे बिना यह जीवन रह जाएगा सुना

खुश बहुत मेरा दिल है अब बस आंसुओ का है बहना


बहना बहना, तू है हम सब का गहना

अब है तेरी विदाई, जिसका गम हमे है सहना.

March 28, 2009

Aakhri Alvida


तुमको हँसा के कहीं दूर चला जाऊंगा
चाहोगे तो भी वापस नही आऊंगा

लम्हों को हमारे साथ ले जाऊंगा
याद में तुम्हारी उन्हें ही पास पाउँगा

गलतियों को मेरी नादानी समझ लेना
मज़ाक को मेरे दिल पे मत लेना

अब इन्हे आगे नही दोहराऊंगा
चाहने पर भी कुछ कह नही पाउँगा

मिलना तो दूर तुम्हे सुन भी नही पाउँगा
तुम कहीं हो इस आस में चलता जाऊंगा

समय बीत गया कुछ छण ही यहाँ बीताउगा
चलने पर चहके भी रुक नही पाउँगा

इन् आँशुंओं को तुम्हारी याद में बहाऊंगा
अलविदा मेरे दोस्त बस इतना ही कहना चाहूँगा

March 8, 2009

I became backbencher


It’s always be an adventure,
To see one as backbencher,
What he do, what he not,
By giggling and jumping on the spot.

20 years long study
I was not that kind of buddy
Afraid to resist knowledge flow
In front dancing heads to blow.

Now nothing to lose nothing to find
Nothing to prove not to shine
I enjoy being a backbencher
Looking my classes as adventure

February 7, 2009

Recession


जाने इस recession में क्या क्या हो गया

सत्यम गिरी और slumdog millionaire बन गया


Terrorist के बम न जाने कितनो को निगल गए

पर हम रिपोर्ट पे रिपोर्ट बनाते चले गए


फाइनेंस कभी होम तो प्राइम कभी फाइनेंस मिनिस्टर बन गया

इस बुरे टाइम में तो नेता भी लटक गया


बिज़नस के नाम पे बी-स्कूल भी फस गए

Placement तो दूर placed men भी हिल गए


सेंसेक्स के झटके suicide pills बन गए

21000 से 9000 पे तो कितनो के कपडे उतर गए


रोटी दल की कीमतें दुगनी हो गयी

गरीबो की भूख भी अब daily से weekly हो गयी


आग लगाने वाले नहीं बचे, बुझाने वाले भी झुलस गए

हम दो कदम आगे बढे और कोसो लुड़क गए.