
तुमको हँसा के कहीं दूर चला जाऊंगा
चाहोगे तो भी वापस नही आऊंगा
लम्हों को हमारे साथ ले जाऊंगा
याद में तुम्हारी उन्हें ही पास पाउँगा
गलतियों को मेरी नादानी समझ लेना
मज़ाक को मेरे दिल पे मत लेना
अब इन्हे आगे नही दोहराऊंगा
चाहने पर भी कुछ कह नही पाउँगा
मिलना तो दूर तुम्हे सुन भी नही पाउँगा
तुम कहीं हो इस आस में चलता जाऊंगा
समय बीत गया कुछ छण ही यहाँ बीताउगा
चलने पर चहके भी रुक नही पाउँगा
इन् आँशुंओं को तुम्हारी याद में बहाऊंगा
अलविदा मेरे दोस्त बस इतना ही कहना चाहूँगा
