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June 29, 2009

Mein Doosra Jeevan Chahta hoon


बंधन है खुले फिर भी सांसो को जकडा पाता हूँ
जीवन जीता हूँ पर उससे भी समझ नहीं पाता हूँ

दर्द के एहसास से मायूष सा हो जाता हूँ
इस दुनिया में खुद को बेबस सा पाता हूँ

कितना सहता हूँ पर कुछ कह नहीं पाता हूँ
इन जख्म के दर्द में नींद को आँखों से ओझल पाता हूँ

इतना कमज़ोर हूँ की खुद का भोझ उठा नहीं पाता हूँ
बस आशाओं को नाउमीद करता चला जाता हूँ

बंधन है खुले फिर भी सांसो को जकडा पाता हूँ
हार गया अब मैं दूसरा जीवन चाहता हूँ.

June 10, 2009

Mere Dost


इस भीड भरी दुनिया कोई अपना सा लगता है
जो अपना सा है वोही खोया सा लगता है

जानू जानू उसका दर्द अपना सा लगता है
हँसी तो दूर अब उसकी मुस्कान भी एक सपना सा लगता है

कैसे समझाऊ उसे की एक दर्द से ज़िन्दगी नही होती
किस्मत तो उनकी भी होती है जिनकी लकीरे नही होती

प्यार कई रंगों में आता है और ज़िन्दगी सजाता है
नादान है वो जो केवल एक रंग समझ पता है

एक ही जीवन है हँसो मुश्कुराओ खुश रहो
अपने लिए नही तो दूसरो के लिए सही

दोस्ती का अर्थ कर कोई को आता है
उससे अपनाओ बस मेरा दिल इतना ही चाहता है

मेरे दोस्त तू हमारी ज़िन्दगी है
तू नही तो कुछ भी नही है

June 9, 2009

Khushi


लोग कहता है की इतना खुश क्यो रहता है

जो दिखता है वोह सच नही होता है


जाने इस दिल का चेहरे से कैसा कनेक्शन होता है

दर्द में मुश्कान तो खुशी में आंसू टपकता है


नंगे पाँव को ज़रा भी दर्द नही होता है

महंगे जूते वाले को काँटा भी असहनिये होता है


तपती धूप में गरीब चेन की नींद सोता है

और घर के एसी में कोई बेचेन होता रहता है


किसी की खुशी दोस्तों में दुगनी हो जाती है

तो कोई दोस्तों से खुशी छुपाये फिरता है


कोई प्यार को जीवन समझता है और पूरा लुट जाता है

कोई लूट कर भी प्यार और जीवन नही समझ पता है


कोई उम्मीद में उमर निकाल देता है

तो कोई नाउमीद करके भी नही थकता


जो दर्द नही समझा उससे मुश्कान समझाना भी कठीन है

इसलिए खुश क्यो हूँ यह बताना भी कठीन है…….

June 6, 2009

Mujhe Kaisi Ladki Chahiye


जिससे देखूं तो नज़रों पे कंट्रोल रहे

जिससे छुऊ तो हार्ट बीट 150 क्रॉस करे


जिसकी बातों में अपने को खोया पाऊँ

जिसकी आँखों के नशे में धूत हो जाऊं


जिसके नाम दिल में ऐसा बस जाए

अपना नाम भूल बस वोही याद आए


जिसकी हँसी से यह संसार बदला सा लगे

जिसके प्यार में खुशियों का समुन्दर बसे


जो बिन कहे मेरी हर बात समझ जाए

जिसका दूर से ही मुझे एहसास हो जाए


जाने वो कैसी होगी, जाने वो कहाँ होगी

पर इतना तो है, जहाँ होगी धड़कने वो भी सुन रही होगी