जीवन के इस मोड़ पर रह गए सब अकेले
सारे खेल छूट गए चलो ऑफिस ऑफिस खेले
परमानेंट हो या टेम्प. कोई बॉस को न झेले
मस्का भी लगाये, माँ की भी कहे चलो ऑफिस ऑफिस खेले
टारगेट के पीछे हम जैसे ball के पीछे पेले
Recession में टारगेट बढ़ा के बॉस बोले चलो ऑफिस ऑफिस खेले
किस HR की सुनु सभी है थकेले और है वेल्ले
इसकी टोपी उसके सर कर वो ऑफिस ऑफिस खेले
Promotion, appraisal मांगे सब, पर सिस्टम में है झमेले
कंपनी बिना मैनेजमेंट के ही ऑफिस ऑफिस खेले
जीना भी एक मजबूरी है, घसीट घसीटकर जीले
न होना निराश प्यारे, चल ऑफिस ऑफिस खेले.