ए ज़िन्दगी तू इतना मुश्कुरा मत
जीना तो मुझे ही है तुझको सीखना
हर बार फिसल जाये कदम मेरे तो क्या
ऊँचाईयों को तो मुझे ही है आजमाना
तू चाहे कितना भी गुमराह कर ले बेपनाह कर ले
फिर भी मुझ सक्श को है तुझे समझाना
लोग ज़िन्दगी को और तू मुझको तरसेगी
ऐसा काम कर एक दिन मुझको भी जाना
कोई याद आये ना आये पर तू मुझे भूल ना पायेगी
दिल भर आएगा पर आंसू भी ना बहा पायेगी
ए ज़िन्दगी तू इतना मुश्कुरा मत
चाह कर भी तू अब मेरे पास लौट ना पायेगी
जीना तो मुझे ही है तुझको सीखना
हर बार फिसल जाये कदम मेरे तो क्या
ऊँचाईयों को तो मुझे ही है आजमाना
तू चाहे कितना भी गुमराह कर ले बेपनाह कर ले
फिर भी मुझ सक्श को है तुझे समझाना
लोग ज़िन्दगी को और तू मुझको तरसेगी
ऐसा काम कर एक दिन मुझको भी जाना
कोई याद आये ना आये पर तू मुझे भूल ना पायेगी
दिल भर आएगा पर आंसू भी ना बहा पायेगी
ए ज़िन्दगी तू इतना मुश्कुरा मत
चाह कर भी तू अब मेरे पास लौट ना पायेगी
