
क्यों हम जीतें है क्यों हम लड़ते है
क्यों इस चक्कर में थक थककर मरते है
शाबित कुछ करना है शाबित कुछ करते है
इसी चक्कर में बार बार गिरकर शम्भलते है
क्यों हम जीतें है क्यों हम लड़ते है
क्यों इस चक्कर में थक थककर मरते है
आशाए मरती हैं तमन्नाये दफनाई जाती है
मरने से पहले ही लाशों की तरह चलते है
क्यों हम जीतें है क्यों हम लड़ते है
क्यों इस चक्कर में थक थककर मरते है
प्यार कई रंगो में आता है कई सपने सजाता है
क्यों हम नही समझते क्यों इसे भी परखते है
क्यों हम जीतें है क्यों हम लड़ते है
क्यों इस चक्कर में थक थककर मरते है