
इस भीड भरी दुनिया कोई अपना सा लगता है
जो अपना सा है वोही खोया सा लगता है
जानू न जानू उसका दर्द अपना सा लगता है
हँसी तो दूर अब उसकी मुस्कान भी एक सपना सा लगता है
कैसे समझाऊ उसे की एक दर्द से ज़िन्दगी नही होती
किस्मत तो उनकी भी होती है जिनकी लकीरे नही होती
प्यार कई रंगों में आता है और ज़िन्दगी सजाता है
नादान है वो जो केवल एक रंग समझ पता है
एक ही जीवन है हँसो मुश्कुराओ खुश रहो
अपने लिए नही तो दूसरो के लिए सही
दोस्ती का अर्थ कर कोई को आता है
उससे अपनाओ बस मेरा दिल इतना ही चाहता है
मेरे दोस्त तू हमारी ज़िन्दगी है
तू नही तो कुछ भी नही है…
nice parting poem:)
ReplyDeleteNice One ankit.....
ReplyDeletegud one :)
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