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June 10, 2009

Mere Dost


इस भीड भरी दुनिया कोई अपना सा लगता है
जो अपना सा है वोही खोया सा लगता है

जानू जानू उसका दर्द अपना सा लगता है
हँसी तो दूर अब उसकी मुस्कान भी एक सपना सा लगता है

कैसे समझाऊ उसे की एक दर्द से ज़िन्दगी नही होती
किस्मत तो उनकी भी होती है जिनकी लकीरे नही होती

प्यार कई रंगों में आता है और ज़िन्दगी सजाता है
नादान है वो जो केवल एक रंग समझ पता है

एक ही जीवन है हँसो मुश्कुराओ खुश रहो
अपने लिए नही तो दूसरो के लिए सही

दोस्ती का अर्थ कर कोई को आता है
उससे अपनाओ बस मेरा दिल इतना ही चाहता है

मेरे दोस्त तू हमारी ज़िन्दगी है
तू नही तो कुछ भी नही है

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